बाल अधिकार सप्ताह तथा चाइल्ड लाइन से दोस्ती सप्ताह का समापन

 बाल अधिकार सप्ताह तथा चाइल्ड लाइन से दोस्ती सप्ताह का समापन


झुंझुनूं,(सुरेशसैनी) 20 नवंबर।


जिले में जिला प्रशासन के निर्देशन में बाल अधिकारिता विभाग, बाल संप्रषेक्षण गृह तथा चाइल्ड लाइन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे बाल अधिकार सप्ताह तथा चाइल्ड लाइन से दोस्ती सप्ताह का समापन शनिवार को हुआ। समापन कार्यक्रम में सप्ताह भर चली विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी और बिरला सार्वजनिक अस्पताल के निदेशक डॉ.मधुसुदन मालानी ने कहा है कि बच्चों को स्वस्थ रखें। क्योंकि ये ही बच्चे हमारा भविष्य है। डॉ.मालानी ने बाल अधिकारिता विभाग, बाल संप्रषेक्षण गृह तथा चाइल्ड लाइन को भी आश्वस्त किया कि वे हर संभव मदद को तैयार है। बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक प्रिया चौधरी तथा बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक अंकित कुमार ने भी विचार रखे। उन्होंने बताया कि सप्ताहभर में बच्चों के बीच जाकर उनके बीच ना केवल खेल प्रतियोगिताएं करवाई गई, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों के बारे में भी बताया गया। चाइल्ड लाइन निदेशक राजन चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई भी बच्चा परेशानी में हो या कहीं भी बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चें, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ित बच्चें अर्थात ऐसे बच्चे जिनको देखभाल व संरक्षण की आवश्यकता हो, तो आप चाइल्ड लाइन 1098 पर कॉल करें, बच्चें की मदद की जाएगी। कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन के कॉर्डिनेटर विकास राहड़ ने सप्ताहभर के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं के नाम बताए और अतिथियों से पुरस्कृत करवाया। इस मौके पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अर्चना चौधरी, सदस्य मनीषा केडिया, एडवोकेट मोहम्मद अख्तर, भरतलाल नूनियां, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एडवोकेट मोतीलाल बुंदेला, निर्मला संजय सैनी, सामाजिक कार्यकर्ता लीलाधर बिश्नोलिया, लांबा स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र डूडी, डीसीपीयू के विकासकुमार, चाइल्ड लाइन टीम सदस्य रमेश मीणा, सुमन मील, नीतू समेत अन्य मौजूद थे। बाल अधिकार व चाइल्ड लाइन से दोस्ती सप्ताह के समापन पर बाल तस्करी, बाल यौन शोषण, बाल श्रम व बाल विवाह रोकथाम को लेकर हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें सभी अधिकारियों व आमजन ने बैनर पर हस्ताक्षर कर बच्चों के साथ घट रही अनैतिक घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन चाइल्ड लाइन के अरविंद कुमार द्वारा किया गया। 

इन विजेताओं को किया गया पुरस्कृत:

कॉर्डिनेटर विकास राहड़ ने बताया कि बाल अधिकार सप्ताह के तहत जिले में अलग-अलग प्रकार की अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें शहीद मनीराम राजकीय उच्च विद्यालय लांबा के छात्र मोहित ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम, राजकीय जटिया विद्यालय बिसाऊ के अजय ने द्वितीय, राजकीय किशोर एवं संप्रेक्षण गृह के राजेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फरट की छात्रा भगवती कंवर ने प्रथम, शहीद मनीराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की अनिता ने द्वितीय व राजकीय किशोर एवं संप्रेक्षण गृह के कृष्णकुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा स्लोगन प्रतियोगिता में राजकीय संप्रेक्षण गृह के कुलदीप ने प्रथम, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेड़ला की रक्षा कुमारी ने द्वितीय व संप्रेक्षण गृह के दुष्यंत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा चम्मच दौड़ प्रतियोगिता में मां की ममता पाठशाला के के विद्यार्थी सुभाष व राजकीय प्राथमिक विद्यालय झुंझुनूं की विमला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता में मां की ममता पाठशाला की लक्ष्मी व राजकीय प्राथमिक विद्यालय झुंझुनूं की गुडिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा दौड़ प्रतियोगिता में मां की ममता पाठशाला के महेश ने प्रथम स्थान व कर्णकुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा शहीद मनीराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की मनीषा कड़वासरा ने रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी को बाल अधिकारिता विभाग व चाइल्ड लाइन 1098 द्वारा बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिए गए थे।

बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों ने दी प्रस्तुतियां: 

इस सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में बाल संप्रेक्षण गृह में मौजूद विधि के विरूद्ध संघर्षरत बालकों ने भी हिस्सा लिया। जिन्होंने ना केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई स्थान प्राप्त किया। बल्कि समापन पर भी उन्होंने बाल विवाह रोकने को लेकर एक नाटक का मंचन कर समाज को संदेश देने का काम किया। बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक अंकित कुमार ने बताया कि विधि के विरूद्ध संघर्षरत बालकों को ओवरआल डवलपमेंट के लिए भी लगातार आयोजन किए जाते है। उसी का परिणाम है कि यहां के बालकों ने खुद अपने स्तर पर बाल विवाह पर नाटक की तैयारी कर इतना शानदार मंचन किया।

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