पीड़िता को केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।

 सुभाष तिवारी लखनऊ


प्रयागराज : सीएमपी डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती के मामले में कार्रवाई जारी है। रेप पीड़िता की शिकायत जीसी के बावजूद मारपीट का केस दर्ज न करना और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में मिलीभगत कर आरोप पत्र दाखिल करने में जार्जटाउन थाने के पूर्व इंस्पेक्टर और दोनों विवेचकों को निलंबित कर दिया गया है। रेप पीड़िता के खिलाफ दर्ज मामले की अब दोबारा जांच होगी। इससे पूर्व इस प्रकरण में पूर्व हंडिया इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह यादव और सर्विलांस प्रभारी संजय यादव समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर गाजीपुर के नसीहाबाद करुद्दीनपुर का रहने वाला है। युवती भी गाजीपुर की ही है।


फतेहपुर में तैनात हैं पूर्व जार्जटाउन थाना प्रभारी


सोमवार को जार्जटाउन थाने के पूर्व इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा और दोनों विवेचक बलवंत यादव और महेश चंद्र को निलंबित किया गया। शिशुपाल शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने रेप पीड़िता के साथ मारपीट के मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उसकी शिकायत पर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। पीड़िता को केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।


इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा का फतेहपुर ट्रांसफर हो गया है। वह फतेहपुर पुलिस लाइन में है। आईजी राकेश सिंह ने इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा को डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी की रिपोर्ट पर निलंबित किया है। वहीं रेप पीड़िता के खिलाफ दर्ज मुकदमे में मनमाने तरीके से जांच कर आरोप पत्र लगाने में जार्जटाउन थाने में तैनात दरोगा महेश चंद्र और बलवंत को निलंबित किया गया है।

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