DAP SCAM: निलंबित भंडार नायक के खातों की होगी जांच, संपत्ति हो सकती है जब्त

 *DAP SCAM: निलंबित भंडार नायक के खातों की होगी जांच, संपत्ति हो सकती है जब्त


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सुभाष तिवारी लखनऊ

पांच करोड़ छह लाख रुपये कीमत की डीएपी (खाद) का गबन करने के मामले के आरोपित भंडार नायक पर शिकंजा कसने की तैयारी है। एक ओर जहां गबन की जांच ईओडब्ल्यू करेगा, वहीं आरोपित के सभी बैंक के खातों की जांच होगी। इसके बाद उसे सीज कराया जाएगा। इसके लिए विभाग के एमडी ने जिलाधिकारी से बात की। लीड बैंक मैनेजर को पत्र लिखा गया है।


पत्नी और भाई सहित परिवार के सदस्यों के खातों की भी छानबीन


पीसीएफ के तीन गोदाम का प्रभारी पांच करोड़ रुपये की डीएपी गबन करके भाग गया है।  एमडी मासूम अली सरवर ने इस घटना को लेकर वीडियाे कांफ्रेंसिंग करना पड़ा। ऐसी घटना दूसरों जिलों न हो, इसके लिए सभी जिला प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए। एमडी ने साफ तौर पर कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व अफसर से भी पूछताछ हो सकती है। एमडी ने यह भी कहा कि जो भी छोटे-बड़े गबन किए हैं विभागीय अफसर उनको दूसरे नजरिए से देखेगा। ताकि उनको स्वयं द्वारा की गई गलती का अहसास हो हो सके। आरोपित संतोष से विभाग के हुए नुकसान का पाई-पाई वसूलने का दावा किया है। आरोपित के जीपीएफ आदि से अगर नुकसान की भरपाई नहीं हुई तो उसकी संपत्ति को भी जब्त की जा सकती है। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पीसीएफ के जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने बताया कि आरोपित व परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की जांच होगी। संपत्ति का डिटेल का पता लगाया जा रहा है।


डेढ़ घंटे की समीक्षा में केवल गबन की चर्चा


एमडी ने वीडियाे कांफ्रेंसिंग में धान की खरीद की समीक्षा की। कहा कि जिन केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हुई है, वहां अविलंब शुरू कराएं। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक केवल संतोष द्वारा किए गए गबन की चर्चा हुई। जिले में हुई घटना को लेकर पूरे प्रदेश के गोदामों पर जांच शुरू हो गई है। फिलहाल एमडी ने यह भी इशारा किया कि जो भी इस घटना में शामिल हैं। वह चाहे जिले में हो या फिर उनका ट्रांसफर हो चुका है। वह बख्शे नहीं जाएंगे।


एलआइयू की टीम ने ली जानकारी


पीसीएफ के भंडार नायक द्वारा किए गए गबन की कई टीम जांच कर रही है। एक ओर जहां ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं नगर कोतवाली पुलिस भी कई अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है। एलआइयू टीम भी पीसीएफ कार्यालय पर पहुंची। कार्यालय के कर्मियों से बात की। आधे घंटे में टीम जांच करके लौट गई।


आरोपित को फीडबैक दे रहा विभाग


डीएपी गबन करने वाले आरोपित को विभाग की सारी गतिविधियों की जानकारी हो जा रही है। इसमें कुछ विभाग के लोगों की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल इसे लेकर जिले के अफसर सतर्क हो गए हैं। वह गोपनीय तरीके से विभाग की रिपोर्ट व अन्य जानकारी अफसरों को दे रहे हैं।

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