खबर की असर**आखिरकार जांच टीम हुई गठित दो दिन में राज्य सरकार को देंगे जांच प्रतिवेदन**क्रमोन्नत वेतन के नाम पर शिक्षकों को करोड़ो रूपये का अधिक भुगतान की होगी वसूली*
*खबर की असर*

*आखिरकार जांच टीम हुई गठित दो दिन में राज्य सरकार को देंगे जांच प्रतिवेदन*
*क्रमोन्नत वेतन के नाम पर शिक्षकों को करोड़ो रूपये का अधिक भुगतान की होगी वसूली* 

*विकास खण्ड जैजैपुर का मामला*

*क्रमोन्नत वेतन पाने वालों शिक्षकों में दहशत अनेको शिक्षकों ने बैंक से लिये होंगे पर्सनल लोन*

जांजगीर/ जिले के जैजैपुर विकासखंड जो पूरे प्रदेश का अनूठा ब्लॉक है जहाँ के 1998 के सहायक शिक्षक एल बी को क्रमोन्नत वेतनमान मिल रहा था जो लगभग 2 साल तक अधिक भुगतान किया गया है जैसे ही तत्कालीन विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को संज्ञान में आया तो तुरंत भुगतान करने में रोक लगा दिया गया लेकिन रिकवरी करने के बजाए समयदान दे दिया गया है तक से बेधड़क शिक्षकों ने करोड़ो रूपये दबाकर लखपति बन चुके है अधिकांश शिक्षकों ने आलीशान मकान खरीद लिए तो किसी ने चकाचक नए कार खरीद कर घूमते हुए नजर आएंगे तो किसी ने जमीन खरीद लिए लेकिन सरकार को ज्यादा मिले हुए रकम को वापस नही कर रहे है न ही संबंधित विभाग के अधिकारी रिकवरी करने के लिए कोई पहल नही किया जा रहे है जो समझ से परे हुए है 
यहां के शिक्षको को निर्बाध रूप से क्रमोन्नत वेतन 1 जुलाई 20 से जून 21 तक मिला है जांजगीर जिले के ब्लॉक जैजैपुर में लगातार नए नए कारनामा सुनने को हमेशा सुर्खियों में है 
वर्तमान में ब्लॉक के 1998 से एक ही पद पर पदस्थ इन सहायक शिक्षको को उच्चतर वेतन मिल रहा अब इस उच्चतर वेतन मान को छोड़ ये लोग पुनः पदोन्नति लेंगे क्योकि कभी भी इनके वेतन पर रिकवरी हो सकती है शासन ने क्रमोन्नत वेतन मान को समाप्त किया था उसके बाद भी जून 21 तक मिला है शिक्षको के मन में अज्ञात भय इनको चुपके से क्रमोन्नत वेतन छोड़ कर पदोन्नति लेने बाध्य कर रही है जो समझ से परे हुए है 

*इतने शिक्षकों की होगी राशि वसूली*
क्रमोन्नत वेतन 41 शिक्षक शिक्षिका को मिला
श्री रम्हैयालाल कश्यप
स.शि.प.प्रा.शा. सडकपारा कैथा,
जगेश्वर सिह स.शि.प. प्रा.शा. कन्या बेलादुला,
सचेन्द्रलाल चन्द्रा स.शि.प.प्रा.शा. बोडसरा,
सुकृतलाल मरावी स.शि.प.प्रा.शा, सेमराडीह,
सहनी राम दिवाकर स.शि.प.प्रा.शा. खैरझिटी,
श्रीमती गीता कश्यप स.शि.पं.प्रा.शा.,शासकीय हसौद,
ताराचंद खैरवार स.शि.प.प्रा.शा. अरसिया,
श्रीमती बुधुवारा महिलांगें स.शि.पं. प्रा.शा. जपनद नगारीडीह,
श्री अशोक कुमार कवर स.शि.प.प्रा.शा. कारीभांवर,
श्रीमति मन्टोरी खैरवार स.शि.पं. प्रा.शा. नन्देली,
गोरेलाल खैरवार स.शि.पं. प्रा.शा. पुरैनहापारा गुचकुलिया,
सम्मेलाल टण्डन स.शि.पं.प्रा.शा. जपनद सलनी,
जगतराम खैरवार स.शि.पं. प्रा.शा. 'धनुहारपारा सलनी,
फरिदा अख्तर स.शि.पं.प्रा.शा. सेन्दुरस',
यशवन्त गबेल स.शि.पं.प्रा.शा. पण्डरीपाली,
श्रीमती रामदुलारी कश्यप स.शि.प.प्रा.शा. मल्दा,
राधेलाल रात्रे स.शि.प.प्रा.शा. कन्या ओडेकेरा,
श्रीमती शिमला देवी स.शि.पं. प्रा.शा. परसाडीह,
श्रीमती योगेश्वरी नवनीत स.शि.पं.प्रा.शा. परसाडीह,
रामसिंह मनहर स.शि.प.प्रा.शा. सेन्दरी,
श्रीमती राजकुमारी सं.शि.प.प्रा.शा. धोराडीपा,
जितेन्द्र कुमार जॉगड़े स.शि.पं.प्रा.शा. छिर्राडीह,
श्रीमती छविरानी राठौर स.शि.पं.प्रा.शा. हरदी,
कमल सिह सिदार स.शि.पं.प्रा.शा. कुम्हारीपठान,
बुध्देश्वर सिंह
स.शि.पं. प्रा.शा. कोसमपाली,
श्रीमती चंद्रीका भारद्वाज स.शि.प.प्रा.शा. सोनसरी,
सुन्दर लाल सिदार
स.शि.प.प्रा.शा: केरहाचाकर,
श्रीमती रजिया नेताम
स.शि.प.प्रा.शा. दर्राभांठा,
कु. शिवकुमारी चौहान स.शि.पं. प्रा.शा. केकराभांठ,
कु राजकुमारी राज
स.शि.पं. प्रा.शा. लिमतरा
सरोजनी मरावी
स.शि.पं.प्रा.शा. धांगडपारा ठठारी,
श्री जैपालसिह मराबी स.शि.पं. प्रा.शा. भोथिया,
श्रीमती कुमारीन बाई
स.शि.पं.प्रा.शा. हरिनाचाकर,
श्रीमती कांता कमल
स.शि.पं. उ.मा.वि. अकलसरा,
श्रीमती सरोज नवरंग
स.शि.पं. प्रा.शा. सडकपारा कैथा,
श्री पुष्पेन्दसिह बनाफर
स.शि.पं.प्रा.शा. इ.आ.रामभाठा
 मिली जानकारी के अनुसार इन सभी शिक्षकों को मिला है और अन्य पांच शिक्षकों ने वेतन समायोजित करने का पत्र दिया और 36 लोगो को रिकवरी के लिए आज पर्यंत तक कोई नोटिस तक नही दिया है
*खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आये प्रशासन* 
आपको बता दे कि चाहे डबल वेतन हो या क्रमोन्नत वेतन हो या एरियर्स हो लगातार आरोप ही लगा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई रुचि नही ले रहे थे जैसे ही सुर्खियों में आने से राज्य सरकार ने प्रशासन को कसावट लाते ही संज्ञान ने लिये और तुंरत रायपुर से जाँच टीम गठित कर दिनभर डीईओ ने बीईओ आफिस में बैठकर सर्विस बुक खंगालने में लग गए विशेष सूत्रों से जानकारी के अनुसार जो भी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी पदस्थ होते है सबसे पहले अपने पाकिट भरने के लिए शिक्षकों से अवैध उगाही कर रिकवरी करने के बजाए दबा दिया जाता है जिससे शिक्षकों द्वारा कोई भय नही होता बल्कि इनके मनोबल बढ़ जाता था शासन की राशि इस तरह दुरुपयोग होता था लेकिन रिकवरी करने में सालो साल बीत जाया करते थे लेकिन इस बार शासन प्रशासन दोनों ही संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्यवाही करने की आदेश पाते ही विभाग हरकत में आये है और कार्यवाही कर रहे है अधिकांश शिक्षकों ने बैंक से कर्ज भी ले चुके है अगर डबल कर्ज की क़िस्त भरने में कठिनाइयों की सामना कर सकते है लेकिन समय रहते शिक्षकों को संज्ञान लेकर पटा दिए होते तो आज यह दिन की सामना करना नही पड़ता

*अधिकारियों को संज्ञान में लेकर करना चाहिए वसूली*

आपको बता दे कि जहां प्रशासनिक अधिकारी का कलम फंसते नजर आते है तो अपना स्थानंतरण दूसरे जिले में करा कर चले जाते है और जो भी नए अधिकारी पदस्थ होते है वहा भी पुराने रिकार्ड को खंगालने के बजाए तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी को बचाने के लिए हथकंडे अपना लिए जाते है और पुराने रिकार्ड को दबा दिया जाता है आप चाहे कितना भी सूचना के अधिकार लगाओ रिकार्ड उपलब्ध कराने में कारी पसीना छूट जाते है आफिस की चक्कर काटते काटते शिकायत कर्ता की चप्पल तक घिस जाते है लेकिन वर्तमान अधिकारी को कोई फर्क नही पड़ता बल्कि तत्कालीन अधिकारी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते रहते है और पत्रकारों को एवं शिकायत कर्ता को जवाब देने के लिए मुंह फेरते रहते है इस तरह शासन की राशि का दुरुपयोग करते रहते है शासन को ऐसे मुद्दों पर कसावट लाने की जरूरत है 

वर्जन
 क्रमोन्नत वेतन के नाम पर अधिक भुगतान होने की जानकारी मिली है सभी की सर्विस बुक की गणना कराया जा रहा है बहूत जल्द रिकवरी की कार्यवाही किया जाएगा।
     बी एल खरे
जिला शिक्षा अधिकारी 
          सक्ती

क्रमोन्नत वेतन के नाम पर जिस भी शिक्षकों को मिला है उसका रिकवरी करने के लिए नोटिस दिया जाएगा और वसूली भी किया जाएगा।
विजय कुमार सिदार
विकासखंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर
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