बांसवाडा जनजाति क्षेत्र के कुशलगढ नान कमांड इलाके मे पेयजल के लिए मचा कोहराम ,कौन सुने फरियाद और कौन दे ध्यान



 बांसवाडा ब्यूरो ...

जनतंत्र की आवाज .....जगदीश चावडा की कलम से 

बांसवाडा जनजाति क्षेत्र के कुशलगढ नान कमांड इलाके मे पेयजल के लिए मचा कोहराम ,कौन सुने फरियाद और कौन दे ध्यान 

वैशाख की तपतीदुपहरी मे  मे खेडा धरती की जनता का पेयजल की व्यवस्था करना हुआ हाल ए बेहाल 

राजस्थान प्रदेश के सूदूर दक्षिणी छोर का जनजाति बाहुल्य क्षेत्र बांसवाडा जिला जहा जिले के छोटी सरवन,कुशलगढ के घाटा क्षेत्र ,दानपुर क्षेत्र सहित अधिकांश क्षेत्र मे फरवरी माह से हरसाल पेयजल स्त्रोत जवाब देकर जलस्तर काफी निचे चला जाने से पेयजल की समस्या शुरु हो जाती है जनजाति बाहुल्य क्षेत्र की बडी आबादी कृषि क्षेत्र सहित बिखरे रूप मे रहने वाली बडी आबादी का हिस्सा अमूमन होली के त्यौहार तक तो जैसे तैसे पानी की व्यवस्था कर लेता है लेकिन एक अप्रैल के बाद स्थितियां विकट हो जाती है अमूमन हरसाल नान कमांड इलाके के गांवो मे 1अप्रैल से टैंकर शुरू हो जाते है लेकिन इस बार अप्रैल माह बितने की कगार पर होने के बावजूद पानी के टैंकर शुरु नही हुए है और जिम्मेदार विभाग से लेकर आला अधिकारी निचले स्तर से उच्च स्तर के जनप्रतिनिधि भी मूकर्दक नजर आ रहे है ग्रामीणो की माने तो जिले के सबसे नान कमांड इलाके मे कुशलगढ का खेडा धरती घाटा क्षेत्र आता है जहां पचास हजार से अधिक आबादी वाला क्षेत्र करीब 20 ग्राम पंचायतो  को कवर करता है जिसमे पाटन क्षेत्र की सरोना पाटन पंचायत से लेकर छोटी सरवा क्षेत्र का तेलनी नदी से लेकर बिजौरी तक सटा इलाके से लेकर भंवरदा,मोहकमपुरा क्षेत्र मे आज जनता पानी के लिए परेशान हो रही है वहि मवेशियो के लिए पीने के पानी का जूगाड करना 42 डीग्री तापमान मे टेडी खीर साबित हो रहा है ..घाटा क्षेत्र के नान कमांड गांव गल्धर के कालाखेत निवासी अध्यापक व समाजसेवीर रघुनाथ कटारा के अनूसार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियो तक लिखित मे गांव सहित क्षेत्र मे पेयजल समस्या और टैंकर शुरुकरने की मांगकर चूके है लेकिन सुनवाई नही हुई है बताया यह भी जारहा है कि पिछले दो वर्ष मे पंचायत की और से पानी के टैंकर लगाकर जलपूर्ति का भूगतान भी नही होने से पंचायते भी इस और रूचि नही दिखा रही है भंवरदा पंचायत सरपंच तेरसिंह भाई की माने तो नवगठित भंवरदा पंचायत मे पिछलै साल टैंकर लगाकर पानी पिलाया जिसका भूगतान नही हुआ जिससे टैंकर वाले भी तैयार नही हो रहे है ....खैर भूगतान नही होंना विभागीय लापरवाही है या बजट का अभाव है लेकिन वर्तमान समय 42डिग्री के हाथ पांव फूला देनै वाले तापमान मे नान कमांड इलाके की जनता स्वयं और अपने मवेशियो और रोजमर्रा के काम के लिए पानीका बदोबस्त परेशान होकर घर से दो से तीन किमी पैदल चलकर पानी का बदोबस्त कर रहे है पिछली सरकार मे 800 करोडकरीब की पेयजल योजना का धरातल पर अब तक नही है कार्य प्रगति पर होकर सालभर और लगने की संभावना है ऐसे मे पानी के टैंकर जल्द से जल्द शुरु होना लाजमी है वैसे गत साल पानी के टैंकर पर जीपीएस सिस्टम लगाकर पानी सप्लाई शूरू हो चुकी थी लेकिन इस बार किसी का ध्यान पानी के टैंकर शुरु करने ,कराने सहित पेयजल समस्या पर नही गया है....

विडियो 

बांसवाडा जिले के नान कमांड इलाके घाटा क्षेत्र मे जल स्तर निचे चले जाने पर भारी हुए हैंडपंप को हिलाकर पानी का जुगाड करती नजर आती ग्रामीण महिलाए ...

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