पीआईबी के खिलाफ पत्रकारों का संसद के समक्ष प्रदर्शन*। *पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के हितों के लिए,पीपीआई सदैव मजबूती से खड़ा है

 *पीआईबी के खिलाफ पत्रकारों का संसद के समक्ष प्रदर्शन*।


*पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के हितों के लिए,पीपीआई सदैव मजबूती से खड़ा है*

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नयी दिल्ली,पत्रकारों ने पीआईबी के तीन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आज संसद के समक्ष जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया।इस दौरान जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट एवं यूएनआई के रिवाइवल की मांग की गयी।


प्रदर्शनकारियों की अगुआई करते हुए जॉइंट फोरम के संयोजक सुलतान एस कुरैशी ने कहा कि पीआईबी के तीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर सरकार पत्रकारों की समस्याओं को दूर करे।


प्रदर्शनकारियों को पीरियोडिकल प्रेस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र शर्मा,और दिल्ली अध्यक्ष एवं चार राज्यों ,जम्मू कश्मीर, पंजाब,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजेश ठाकुर,यूनाइटेड इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (UIJA) के सुबीर सेन,संजीत चौधरी,अजित सिंह,इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के गोपाल ठाकुर,सार्क जर्नलिस्ट फोरम के अनिरुद्ध सुधांशु, वरिष्ठ पत्रकार सजन झा फ़िल्म अभिनेता अंजनी कुमार,डॉ.महेंद्र सिंह एवं सेव् यूएनआई मूवमेंट के डॉ समरेन्द्र पाठक सहित कई पत्रकारों ने संबोधित किया।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए पीपीआई अध्यक्ष डॉ0 सुरेंद्र शर्मा और दिल्ली अध्यक्ष सहित 4 राज्यों के पीपीआई प्रभारी राजेश ठाकुर ने सयुंक्त रूप से कहा पीरियोडिकल प्रेस ऑफ इंडिया देश भर के सभी पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकार हितों के लिए बड़े लंबे समय से संघर्ष करती आ रही है और भविष्य में भी पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकार विषय पर सक्रिय रूप से एकजुता के साथ बहुत ही मजबूती से खड़ी है औरपत्रकारों के इस महत्वपूर्ण विषय पर कार्य कर रही है ,उन्होंने कहा कि ज्वाइंट फोरम के नेतृत्व में पीपीआई पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा विषय पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है ,और जो भी सहयोग पयरकरो के हितों के लिए रहेगा वह अवश्य पूरा करेंगे

प्रदर्शन में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने कहा कि पीआईबी एक्रीडेशन रिनुअल एवं नए एक्रीडेशन को लेकर काफी संख्या में पत्रकार भेदभाव के शिकार हुए हैं।इससे पत्रकारों में असंतोष है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों की खुशहाली के लिये जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट जरुरी है।उन्होंने यूएनआई के रिवाइबल की भी मांग की।

विरोध कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पत्रकार पंडित उपेन्द्र नाथ मिश्र को दो मिनट का मौन रखकर श्रधांजलि देने के साथ शुरू हुई।

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